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रविवार, 17 अप्रैल 2016

जिस लड़के से शादी तय हुई, उसके घर शौचालय न होने की बात पता चली तो उसने शादी से इनकार कर दिया।

लखनऊ की नेहा ने 21वीं सदी की युवतियों के लिए मिसाल पेश की है। जिस लड़के से शादी तय हुई, उसके घर शौचालय न होने की बात पता चली तो उसने शादी से इनकार कर दिया। मामला थाने तक पहुंच गया। मगर बहादुर नेहा ने एक बार जो कदम बढ़ाया तो पीछे हटाने से इनकार कर दिया। नेहा की इसी बहादुरी की कद्र हुई और तत्काल दूसरे युवक ने उसका हाथ थाम लिया। आज वह नेहा के साथ सात फेरे लेगा।


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लखनऊ के एलडीए रुचि खंड शारदा नगर निवासी नेहा का विवाह जनवरी में गुजैनी गांव में रहने वाले हिमांशू से तय हुआ था। रिश्ता तय हुआ तो उसको पता चला कि ससुराल में शौचालय नहीं है। नेहा ने सवाल दागा तो हिमांशू ने शादी से पहले शौचालय बनवाने का वादा किया। मगर वरीक्षा तक शौचालय न बना तो नेहा को लगा कि जो युवक उसकी सामाजिक सुरक्षा के वायदे पर ही खरा नहीं उतर रहा, वह भविष्य में उसकी रक्षा क्या करेगा? ऐसे में उसने विवाह करने से इनकार कर दिया। मामला गरमाया तो दोनों पक्ष बर्रा थाने जा पहुंचे। नेहा आखिर तक अड़ी रही और फिर रिश्ता टूट गया। इसी बीच नेहा की बहादुरी देख गुजैनी अम्बेडकर नगर निवासी सर्वेश ने उसके जज्बे को सलाम किया और उसके साथ विवाह के लिए आगे हाथ बढ़ाया। अब रविवार को नेहा और सर्वेश का विवाह होगा। ने


बिना बाप की बेटी है नेहा
लखनऊ की नेहा के पिता नहीं हैं। उसके पिता रामप्रसाद श्रीवास्तव का निधन काफी पहले हो गया था। उसकी मां मिथलेश श्रीवास्तव ने काफी परेशानियों और मेहनत से पाला। मगर उसकी मां ने बेटियों को हमेशा सही का साथ देने की सीख दी, जिससे नेहा ने साहस दिखाया।

झूठे वायदे से हुई खफा
कानपुर। विवाह के दौरान ही नेहा को पता चला कि हिमांशू का परिवार किराए के मकान में रहता है और उसके घर पर शौचालय नहीं है। शौचालय न होने पर नेहा ने अपने परिवार में आपत्ति दर्ज कराई। वर पक्ष ने इसे छोटी सी बात मानकर जल्द ही घर में शौचालय बनाने का वादा कर दिया। इस बीच नेहा की हिमांशू के साथ 24 जनवरी को वरीक्षा भी हो गई। वरीक्षा के दौरान भी नेहा ने अपने परिवार और हिमांशू से घर में शौचालय होने की बात कही। जिस पर हिमांशू के परिवार की ओर से होली तक घर में शौचालय बनाने का झूठा वादा कर दिया।

शादी के कार्ड भी छप गए
इस बीच विवाह के लिए नेहा के परिवार ने कार्ड भी छपवा लिए। कार्ड का वितरण नाते रिश्तेदारों को होना ही था कि नेहा ने शादी करने से मना कर दिया। नेहा ने बताया कि जब तीन महीने बीत जाने के बाद भी हिमांशू के परिवार ने घर में शौचालय नहीं बनवाया तो अब उसका हिमांशू पर से भरोसा ही उठा गया है। नेहा के इस तर्क के बाद नेहा के परिवार ने भी नेहा का साथ दिया। नेहा के इस फैसले से उसके नाते रिश्तेदार भी नेहा की पीठ थपथपाने उसके घर पहुंचे।

थाने में भी अड़ी रही नेहा
मामला 13 अप्रैल को बर्रा थाने पहुंचते ही समाज के अन्य लोगों को भी नेहा के इस बहादुरी भरे फैसले की जानकारी हुई। नेहा के इस फैसले के बाद गुजैनी अम्बेडकर नगर निवासी सर्वेश श्रीवास्तव ने नेहा को अपनाने का फैसला किया है। नेहा ने बताया कि सर्वेश से विवाह से पहले ही उसका सर्वेश से यही प्रश्न था कि 'क्या उसके घर पर शौचालय है, क्योंकि वह नित्य क्रिया करने के लिए घर से बाहर नहीं जा सकती है'। सर्वेश के घर पर शौचालय होने के बाद ही नेहा ने सर्वेश से विवाह करने का फैसला किया। अब नेहा और सर्वेश का विवाह राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद कानपुर की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में रविवार को होगा।
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