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रविवार, 17 अप्रैल 2016

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई बदलावों और समस्याओं से गुजरना पड़ता हैं

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई बदलावों और समस्याओं से गुजरना पड़ता हैं. ऐसे में कई बार उन्हें तनाव भी हो जाता है. इतना ही नहीं इस अवस्था में कभी-कभी याद्दाश्त पर भी असर पड़ सकता है. ऐसा शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण होता है. लेकिन यह कोई चिंता का विषय नहीं होता, प्रसव के बाद स्थितियां पूरी तरह सामान्य हो जाती हैं.

बेबी ब्रेन सिंड्रोम
लोगों में आमतौर पर धारणा होती है कि 'बेबी ब्रेन' या 'प्रेगहेड' सिंड्रोम के कारण गर्भवती महिलाओं की याद्दाश्त कमजोर पड़ जाती है. लेकिन कई शोधों में ये बात साबित हो चुकी है कि ऐसा कोई सिंड्रोम नहीं होता जिससे याद्दाश्त का कोई लेना देना हो, वैसे भी गर्भावस्था में याद्दाश्त पर कोई फर्क नहीं पड़ता.

शोधों में यह भी पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान महिला और उसके होने वाले बच्चे दोनों पर ही दिमागी रूप से कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.

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न पालें मन का वहम
जो महिलाएं ये सोचती हैं कि गर्भावस्था के कारण उनके दिमाग पर असर पड़ रहा है या वे अपनी स्मरण शक्ति खो रही है, ये सब सिर्फ उनके मन का वहम या भ्रम है. हां ये जरूर है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाएं बहुत सी चीजें भूल जाती है, ऐसा सिर्फ उनके जीवन में आ रहे नए बदलावों और अनुभवों के कारण होता है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान एक खास हार्मोन सक्रिय हो जाता है.

धूम्रपान करने से कम हो सकती है याद्दाश्त
कई बार इस हार्मोंन के कारण अल्जाइमर की समस्या भी हो सकती है. जिसके होने से याद्दाश्त कमजोर होने की आशंका बनी रहती है. दरअसल, अल्जाइमर के कारक हार्मोन्स का स्राव गर्भावस्था के दौरान अधिक मात्रा में होता है और ऐसे में अधिक ध्रूमपान, नशा या फिर एल्‍‍कोहल लेने वाली महिलाओं पर प्रभावी असर होता है, जिससे याद्दाश्त कमजोर होने की समस्या हो सकती है. आमतौर पर भी शोधों में साबित हो चुका है जो महिलाएं अधिक धूम्रपान करती हैं उनकी याद्दाश्त कमजोर हो जाती है.

नकारात्मक चीजों से रहें दूर
गर्भावस्था के दौरान फिट रहने और याद्दाश्त कमजोर न हो या स्मरण शक्ति पर कोई असर न पड़े इसके लिए गर्भवती महिला को दूध, पनीर, बादाम जैसी चीजें अधिक मात्रा में खानी चाहिए. दिमाग पर पड़ने वाले किसी भी नकारात्मक असर को रोकने के लिए धूम्रपान इत्यादि नशीली चीजों से दूर रहना चाहिए. इतना ही नहीं प्रतिदिन डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
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