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रविवार, 17 अप्रैल 2016

आम्रपाली ग्रुप के कुछ प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके पड़े

आम्रपाली ग्रुप के कुछ प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके पड़े हैं। इससे जीवन भर की कमाई प्रोजेक्ट में लगाने वाले बायर्स की परेशानी बढ़ती जा रही है। आम्रपाली के प्रोजेक्ट में पजेशन कब मिलेगा और पेनल्टी मिलेगी या नहीं इस पर सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन है। इन्हीं तमाम अटकलों पर आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा से एनबीटी ने जानी उनकी राय :
Q. एक समय आप टॉप बिल्डर माने जाते थे, लेकिन अब पिछड़ गए। वजह ?
नोएडा या ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने हमें सबसे अधिक जमीन दी है तो इसके लिए हमने अपनी योग्यता भी दिखाई है। आज भी हम वैसे ही काम कर रहे हैं जैसे पहले करते आ रहे थे, लेकिन कुछ चीजें अपने हाथ में नहीं होती हैं।

Q. आप जीरो पीरियड का लाभ अपने बायर्स को क्यों नहीं देंगे?
अथॉरिटी ने जीरो पीरियड का कोई लाभ नहीं दिया है। जब हमारे कब्जे में जमीन ही नहीं थी, तो उस पर पेनल्टी किस नियम के तहत अथॉरिटी वसूल कर सकती है। इसे लाभ का नाम देना ही गलत है। इसी तरह जब काम करने का माहौल ही नहीं था, तो बायर्स उस पीरियड में कंपनी से कैसे पेनल्टी मांग सकते हैं।
Q. इसके बाद भी अगर प्रोजेक्ट लेट होता है तो क्या आप बायर्स को पेनल्टी देंगे?
जिस पीरियड को अथॉरिटी की ओर से जीरो पीरियड घोषित किया गया है, कंपनी की ओर से उस पीरियड की लेट पेनल्टी नहीं दी जाएगी। लेकिन अगर इसके बाद भी प्रोजेक्ट लेट है तो बायर्स को पेनल्टी जरूर मिलेगी। हमने केवल सफायर प्रोजेक्ट में 60 करोड़ रुपये की लेट पेनल्टी दी है।


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Q. बायर्स के बीच विश्वास बहाली के लिए आप क्या उपाय कर रहे हैं?
पहले यह तो पता चले कि जो हल्ला मचा रहे हैं, वह इसी ग्रुप के बायर्स हैं। बायर्स के बीच कई ऐसे असामाजिक तत्व घुस आए हैं जो इस कंपनी की छवि को खराब करने में लगे हैं। अगर कोई बोनाफाइड बायर अपनी समस्या लेकर आता है तो उसका निराकरण जरूर किया जाएगा।

Q. क्या महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी आपकी कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर हैं?
मीडिया में यह रिपोर्ट आ रही है कि आम्रपाली ग्रुप की ओर से एक फर्म की स्थापना की गई थी, जिसमें 25 पर्सेंट स्टेक साक्षी धोनी का था। मैं बता दूं कि इस फर्म की स्थापना चैरिटेबल उद्देश्य से की गई थी। लेकिन इस फर्म का काम आगे नहीं बढ़ा और किसी भी तरह का कोई वित्तीय लेनदेन नहीं हुआ। इससे एक महान खिलाड़ी की छवि खराब हो रही है, इसलिए इस चैरिटेबल फर्म को चलाने के बारे में सोचने की स्थिति में अब मैं नहीं हूं।

Q. आपके प्रोजेक्ट की रजिस्ट्री भी लंबे समय से नहीं हो पा रही है, क्या कारण है?
बायर्स अपनी तैयारी पूरी रखे तीन से चार महीने में हमारी ओर से रजिस्ट्री करवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

Q. चर्चा है कि आपको क्रेडाई से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है ?
मैं क्रेडाई का पहले भी मेंबर था और अब भी मेंबर हूं। अखबारों में जब मेंंबर्स की लिस्ट दी जाती है तो कई बार कुछ मेंबर छूट जाते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनकी मेंबरशिप खत्म कर दी गई है।
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